आवाज
Shel Silverstein
Translation by Debi Prasad Choudhary
Los Angeles, 05/05/2025
अंदर बैठके कोई आवाज - चुप चुप कर संदेश देता है - सुबह से शाम |
मुझे महसूस है के ये मेरे लिए सही , मुझे मालूम है क्या नासहि ओर किसमे है दम ||
ये नहीं कह सकता , कोई गुरु , कोई मौलाना , कोई बाप , दोस्त या पंडित |
अंदर के आवाज सुनो , वो बताएगा क्या है सच , आवर बोलेगा तुम्हे सत ||
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