Monday, May 5, 2025

मई हवा पे एक तीर छोड़ा

मई हवा पे एक तीर छोड़ा
H W Longfellow
Translation by Debi Prasad Choudhary
Los Angeles, 05/05/2025

मई हवा पे एक तीर छोड़ा, पता नहीं कहाँ ये जमीन पे पड़ा | इतना जल्दी ये नजर से छोड़ा , के पता नहीं लगा कैसा उड़ा || 

मई एक गाना हवा पे  छोड़ा , पता नहीं कहाँ या जमीं पे पड़ा | किसके नजर में इतना ढम हे के, गाने के रफ़्तार को करसका खड़ा || 

कई दिन  बाद बरगत पे देखा एक अभंग तीर आवर वही गीत | जो हमेशा दिल  से गुन गुनाता  था मेरे मीत || 




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