मई हवा पे एक तीर छोड़ा
H W Longfellow
Translation by Debi Prasad Choudhary
H W Longfellow
Translation by Debi Prasad Choudhary
Los Angeles, 05/05/2025
मई हवा पे एक तीर छोड़ा, पता नहीं कहाँ ये जमीन पे पड़ा | इतना जल्दी ये नजर से छोड़ा , के पता नहीं लगा कैसा उड़ा ||
मई एक गाना हवा पे छोड़ा , पता नहीं कहाँ या जमीं पे पड़ा | किसके नजर में इतना ढम हे के, गाने के रफ़्तार को करसका खड़ा ||
कई दिन बाद बरगत पे देखा एक अभंग तीर आवर वही गीत | जो हमेशा दिल से गुन गुनाता था मेरे मीत ||
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